विजय विनीत 04 January, 2010 19:41;00 : 76सोनभद्र, उत्तर प्रदेश। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जनपद के चर्चित रनटोला मुठभेड़ कांड को सोमवार को फर्जी करार देते हुए इसमें शामिल 14 पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।साथ ही गोली चलाने वाले पुलिस कर्मियों पर एक-एक लाख व अन्य पर पचास-पचास हजार रूपए का अर्थदण्ड भी लगाया है।इस फैसले के बाद कोर्ट परिसर से बाहर आते ही कुछ पुलिस कर्मी रो पड़े। इस फैसले की खबर लगते ही पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। अदालत ने दो दरोगाओं को हाजिर न होने पर भगोड़ा घोषित कर दिया। दो सितंबर 2003 में हुई इस घटना के तीन साल बाद 21 फरवरी 2006 को सी0बी0सी0आई0डी0 ने पिपरी थाने में 15 पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के दिन से ही कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता व मृतक छात्र के पिता मुठभेड़ को फर्जी करार दे रहे थे।सोनभद्र के तत्कालिन अपर जिलाधिकारी रामकृष्ण उत्तम ने मजिस्ट्रेट जांच की थी. जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे कुछ ऐसे तथ्य मिले जो घटना को संदिग्ध बता रहे थे. इस पर मजिस्ट्रेट उत्तम ने सीबीसीआईडी की जांच कराने की सिफार...