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अक्टूबर, 2009 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
यह सम्पत्ति किसकी है विजय विनीत अति नक्सल प्रभावित नगवां विकास खंड के पूर्व प्रमुख राजेंद्र देहाती द्वारा वर्तमान प्रमुख प्रवीन सिंह पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाने के बाद प्रवीन सिंह का जो बयान आया है उससे तमाम लोग अवाक हैं । प्रमुख ने उनके आरोप पर अपना जो वक्तव्य दिया है उसके अनुसार प्रमुख के पास विहार में सवाँ १०० बीघे उपजाऊ जमीं है । उसी जमीन की उपज से अर्जित किए गए धन से वर्तमान की सारी संपत्ति हासिल की गई है । लोगो का कहना है की अगर इन्होंने पैतृक संपत्ति से सो नभद्र के मेहुणी गाँव में लाखो की३६ बीघे जमीन व भव्य हवेली बनवा रहे है तो आज से ४ साल पूर्व उनके द्वारा कही भी कोई सम्पत्ति क्यो नही अर्जित की गई क्या प्रमुख बनने के बाद उनकी उपजाऊ जमीन अचानक धन का वर्षा करने लगी । नगवां विकास खंड आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है , अगर नगवां प्रमुख ने क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई होती तो लोक सभा चुनाव में सत्ता पक्ष का कार्यकर्ता होने के बाद उनके क्षेत्र के कुरवल गावं के लोग विकास न होने की बात करते हुए चुनाव का बहिस्कार नही करते। जबकि उस गावं में सर्वाधिक संख्या अनुसूचित जाती ...

बौद्धिक दिवालियापन

विजय विनीत जिस देश के लेखक , पत्रकार , साहित्कार व आम जन से सरोकार रखने वाले लोगो का विचार देश काल समय के अनुसार न होकर विषयवस्तु से भटक जाय उस देश की क्या स्थिति होगी बताने की जरुरत नही । जाहिर है ऐसी स्थिति में देश दिग्भ्रमित हो जाएगा । ऐसा ही कुछ दस अक्तूबर को सोनभद्र नगर में पत्रकार नरेन्द्र मोहन की ७५वी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला । ब्लाक सभागार में नक्सलवाद व आतंकवाद के परिप्रेक्ष में पत्रकारिता के दायित्व विषय पर संगोष्ठी का आयोजन था। यह विषय जिसने भी रखा वह साधुवाद का पात्र है । क्योकि जब इस विषय पर संगोष्ठी हो रही थी उसके ठीक ३६ घंटे पूर्व नक्सलियों ने गढ़चिरो़ली में १७ पुलिस कर्मियों को गोलियों से भून डाला था और ७२ घंटे पूर्व झारखण्ड में नक्सलियों ने तालिबानी आतंकवादियों की बर्बता का अनुकरण करते हुए खुफिया शाखा के एक पुलिस इंस्पेक्टर का सर कलम कर दिया था । इसके अलावा नक्सलवाद पर प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह व गृह मंत्री चिदम्बरम भी गंभीर चिंता प्रगट कर रहें थे । गंभीर विषय के साथ ही गंभीरता के साथ संगोष्ठी में तमाम पत्रकार शिक्षक अधिवक्ता, समाजसेवी व सामाजिक सरोक...