सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जातिगत संघर्ष मंे माओंवादियों ने अपने कमाण्डर समेत दो को गोली से उड़ाया।

माओवादी संगठन भी जातिवाद और क्षेत्रवाद को लेकर कड़वाहट बढ़ी विजय विनीत सोनभद्र। 02 जुलाई उŸार प्रदेश के माओवाद से प्रभावित सोनभद्र की सीमा से सटे बिहार राज्य में माआंेवादियों ने अपने ही कमाण्डर साथी समेत दो को गोली से उड़ा दिया। मारे गये दोनों माओवादी यादव जाति के थे और उन्हे खरवार बिरादरी के माओवादियों ने मारा। इस घटना को लेकर बिहार व झारखंड के भाकपा माओवादी संगठनों के नेता सकते मंे हैं। मारा गया कमाण्डर बिहार में पचास हजार का ईनामी था। उŸार प्रदश के हिनउत विस्फोट कांड में पुलिस को उसकी तलाश थी। कामेश्वर बैठा की गिरफ्तारी के बाद उसे उŸार प्रदेश का कमाण्डर बनाया गया था। माओवादी संगठन में क्षेत्रवाद और जातिवाद की लड़ाई शुरू होने से प्रशासनिक हलकों में प्रसन्नता देखी जा रही है। सोनभद्र की सीमा से सटे बिहार के रोहतास जनपद के नौहट्टा थाना में परछा गाँव है। यह गाँव पहाड़ो और जंगलो के बीच स्थित है। इसी से सटे जदुनाथपुर, नावाडीह, बेलदुरिया, करियवाडीह व कौवाखोह के जंगलो में माओवादियों का ठिकाना है। उŸार प्रदेश, बिहार व झारखंड के माओवादियों की कई टीमें इन्ही गाँवों में रहती हैं। परछा गाँव क...

ज्योतिर्मय डे की याद में सोनभद्र में लगाये गये 10000 पौधे

कई जनसंगठनों ने निकाला मौन जुलूस -विजय विनीत सोनभद्र 4 जुलाई मुंबई में 11 जून को प्रख्यात पत्रकार जे डे की हत्या के विरोध में उप्र के सोनभद्र में सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाल कर हत्यारों को फांसी देने की मांग की। इस अवसर पर जनपद में जे डे की याद मे 10000 फलदार पौधे लगाये गये। जनसंगठनों की तरफ से प्रधानमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय मांगपत्र में पत्रकारो की सुरक्षा के लिये देश में प्रभावी कानून बनाने की मांग की गयी। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि एक पत्रकार की हत्या का मुद्दा जो कि सीधे तौर पर शहरी बुद्वीजीवी वर्ग से जुड़ा हुआ था लेकिन इसकी पहल यहां के वनक्षेत्र रहने वाले आदिवासी एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के संगठन कैमूर क्षेत्र महिला मज़दूर किसान संघर्ष समिति द्वारा की गई। यह संगठन राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय वन-जन श्रमजीवी मंच से जुड़ा हुआ है । इसके अलावा इस कार्यक्रम में मानवाधिकार कानूनी सलाह केन्द्र, न्यू ट्रेड यूनियन इनिशिएटिव, प्रेस क्लब सोनभद्र भी शामिल रहे। सोनभद्र जिला मुख्यालय स्थित हाईडल मैदान से दोपहर सैकड़ों की संख्या में आदिवासी जिनमें अधिकांश महिलायें थीं और बड़ी ...

कैमूर क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने अभियान चला सरकारी वृक्षारोपण को दी चुनौती

कहा कम्पनीयों को वन विनाश की नहीं दी जाएगी अनुमति विजय विनीत सोनभद् ९फरवरी । जनपद में सावन की दस्तकशुरू होते ही आदिवासी महिलाओं ने शासन प्रशासन को चुनौती दे डाली हैं।आदिवासी महिलाओं ने वनों के अंदर वनाधिकार कानून में निहित सामुदायिक अधिकारों के तहत 10000 से भी अधिक पौधों को लगाने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला मुख्यालय सोनभद्र से की गई । जिला मुख्यालय सैकड़ों की संख्या में पहुंची आदिवासी महिलाओं ने लाल व हरी साड़ी पहनराखी थीं ।, हाथ में तमाम तरह के पौधों को लिए पूरे शहर का भ्रमण किया, । प्रतीकात्मक तौर पर जिला कचहरी व तहसील परिसर के पौधशाला में पौधों को लगाया ।इस मौके पर आदिवासी महिलाओं ने, संदेश दिया कि वनों को बचाने व वृक्षों को लगाने का काम समाज का है न कि विदेशी कम्पनीयों का। जो पौधे महिलाओं के हाथ में थे वे वनविभाग द्वारा रोपित ब्यापारिक हितों वाले पौधे नहीं बल्कि समाज के काम आने वाले फल, फूल व पर्यावरण को बचाने वाले वृक्ष थे। नीम, नींबू, आंवला, महुआ, जामुन, अमरूद, सहजन, आम आदि के पेड़ लिए आदिवासी महिलाएं रंग बिरंगे परिधानों में पूरे...

जनज्वार: फर्जी मुठभेड़ के 14 बहादुरों को आजीवन कारावास#links#links#links#links#links#links#links#links#links

जनज्वार: फर्जी मुठभेड़ के 14 बहादुरों को आजीवन कारावास#links#links#links#links#links#links#links#links#links

कामयाब रहा मायावती का मूल मंत्र कापता रहा लोक हाफता रहा तन्त्र

(विजय विनीत ) सोनभद्र,10 फरवरी । मुख्यमंत्री मायावती के दौरे को लेकर गु रूवार को जिले में कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। सड़क पर मायावती के काफिले कें अलावा कोई नजर नही आ रहा था। कही मुख्यमंत्री नाराज न हो जाय इसे लेकर पुलिस और प्रशासनिक अमला हापता नजर आया। अ म्बेडकर गांव बेलाव, जिला अस्पताल, कोतवाली व तहसील परिषर देखने के बाद व वापस चली गयी। इस दौरान पुलिस के लोग कही सड़क पर आयी गायों को भगाते रहे तो कही कुत्तों को भगाते नजर आये। आम आदमी को इतनी दूर खदेड़ दिया गया था कि कही कोई उन्हें जो र से बोल कर भी अ पनी तरफ मुखातिब न कर सकें। उनके दौरे को लेकर पुरे जिले में पिछले दस दिनो ंसे अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा। पॉंच साल पूर्व इसी जिले में एक अम्बेडकर गांव के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी समेत क ई अधिकारियों को मायावती ने निलम्बित कर दिया था। इस बार न उन्होंने सभा की न तो पत्रकारों से वार्ता किया। नक्सल प्रभावित सोनभद्र में दो सौ तिरपन अम्बेडकर गांव है। पहली बार 1995-96 में मुख्यमंत्री बनने पर मायावती ने सोनभद्र के लगभग पांच दर्जन गांवो को अम्बेड कर गांव घोंषित किया था। इसक...