सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

फ़रवरी 26, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दो सौ आदिवासी परिवार घर से बेघर

विजय विनीत 25 फरवरी। सोनभद्र जिले में वनाधिकार कानून के तहत 31 सौ आदिवासी व दलित परिवार जमीने पाकर खुश हैं तो वहीं तमाम लोग वन विभाग के उत्पीड़न से दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं। राबटर््सगंज तहसील क्षेत्र के पडरक्ष गांव के मगरदह टोले का नजारा देख कर किसी का भी दिल दहल सकता है। लेकिन शायद वन विभाग व पुलिस मकहमे के लोगो का दिल नही पसिजता। सात माह पूर्व मगरदह गॉव में पुलिस व वन विभाग के लोगों ने मिल कर जो ताण्डव किया उससे दो सौ आदिवासी व दलित परिवार गॉव से पलायन कर गया है। साथ ही दर्जनों गॉव वालों के ऊपर कई गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया है। गॉव के बुद्धिनारायण का कहना है कि वगैर किसी पूर्व सूचना के वन विभाग ने कई वर्षो पहले हमारी जमीन अपने नाम कर ली हम लोग उसपर जोत कोड़ करते रहे। कई बार वन महकमे के लोगों ने लाठिया बरसाई। हम दो सौ परिवार के लोग वर्ष 2004 में पडरक्ष से आकर इस टोले में आवाद हो गये जिसका जिता जागता सबूत ये पुराने मकानों कि दिवाले स्वयं है। वनाधिकार विधेयक लागू होते ही वन महकमें के लोग यहा से उजाड़ने की फिराक मे पड़ गये। 22 से 24 अगस्त के बीच तीन दिन तक लग...