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क्या ऐसे कर्मचारियों से बचेगी साख

 क्या ऐसे कर्मचारियों से राजस्व विभाग सुचिता की उम्मीद कर सकता है  उच्च अधिकारियों को गंभीर चिंतन मनन की विजय विनीत  सोनभद्र कल जनपद में सदर तहzसील क्षेत्र के विकास यादव नामक लेखपाल की घूस लेते एक वीडियो वायरल हुई थी उसे तमाम मीडिया पोर्टल ने भी जगह दी। आज सुबह एक फोन आया फोन करने वाले ने अपना नाम अरुण बताया और कहा कि इस बारे में आपको क्या जानकारी है हमारे पास जो जानकारी थी मैंने उपलब्ध कराई उसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पन्नूगंज थाने जाकर तहरीर देनी चाहिए इसके बाद पैसा देने वाले परिवार से जब संपर्क किया गया तो पैसा देने वाले के बेटे रामाश्रय ने फोन उठाया और कहा कि बात हो रही है इसके कुछ देर बाद लौआरी गांव के  वेदमणि नामक  एक पूर्व परिचित रामाश्रय के यहां पहुंचे और कहे के लेखपाल साहब ने मुझे भेजा है वह आपका पैसा लौटाने को तैयार है दोपहर करीब 3:00 तक लेखपाल पैसा लेकर पहुंचने की बात करते रहे 3:00 के बाद रामाश्रय को पैसा देने के लिए पहुंचे और पैसा देने के बाद तुरंत रामाश्रय को पन्नूगंज थाने के दो सिपाहियों ने पकड़ लिया और थाने लें गये। पता चला कि वहां उन्हें और उ...

जातिगत संघर्ष मंे माओंवादियों ने अपने कमाण्डर समेत दो को गोली से उड़ाया।

माओवादी संगठन भी जातिवाद और क्षेत्रवाद को लेकर कड़वाहट बढ़ी विजय विनीत सोनभद्र। 02 जुलाई उŸार प्रदेश के माओवाद से प्रभावित सोनभद्र की सीमा से सटे बिहार राज्य में माआंेवादियों ने अपने ही कमाण्डर साथी समेत दो को गोली से उड़ा दिया। मारे गये दोनों माओवादी यादव जाति के थे और उन्हे खरवार बिरादरी के माओवादियों ने मारा। इस घटना को लेकर बिहार व झारखंड के भाकपा माओवादी संगठनों के नेता सकते मंे हैं। मारा गया कमाण्डर बिहार में पचास हजार का ईनामी था। उŸार प्रदश के हिनउत विस्फोट कांड में पुलिस को उसकी तलाश थी। कामेश्वर बैठा की गिरफ्तारी के बाद उसे उŸार प्रदेश का कमाण्डर बनाया गया था। माओवादी संगठन में क्षेत्रवाद और जातिवाद की लड़ाई शुरू होने से प्रशासनिक हलकों में प्रसन्नता देखी जा रही है। सोनभद्र की सीमा से सटे बिहार के रोहतास जनपद के नौहट्टा थाना में परछा गाँव है। यह गाँव पहाड़ो और जंगलो के बीच स्थित है। इसी से सटे जदुनाथपुर, नावाडीह, बेलदुरिया, करियवाडीह व कौवाखोह के जंगलो में माओवादियों का ठिकाना है। उŸार प्रदेश, बिहार व झारखंड के माओवादियों की कई टीमें इन्ही गाँवों में रहती हैं। परछा गाँव क...

ज्योतिर्मय डे की याद में सोनभद्र में लगाये गये 10000 पौधे

कई जनसंगठनों ने निकाला मौन जुलूस -विजय विनीत सोनभद्र 4 जुलाई मुंबई में 11 जून को प्रख्यात पत्रकार जे डे की हत्या के विरोध में उप्र के सोनभद्र में सैकड़ों लोगों ने जुलूस निकाल कर हत्यारों को फांसी देने की मांग की। इस अवसर पर जनपद में जे डे की याद मे 10000 फलदार पौधे लगाये गये। जनसंगठनों की तरफ से प्रधानमंत्री को संबोधित 8 सूत्रीय मांगपत्र में पत्रकारो की सुरक्षा के लिये देश में प्रभावी कानून बनाने की मांग की गयी। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि एक पत्रकार की हत्या का मुद्दा जो कि सीधे तौर पर शहरी बुद्वीजीवी वर्ग से जुड़ा हुआ था लेकिन इसकी पहल यहां के वनक्षेत्र रहने वाले आदिवासी एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों के संगठन कैमूर क्षेत्र महिला मज़दूर किसान संघर्ष समिति द्वारा की गई। यह संगठन राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय वन-जन श्रमजीवी मंच से जुड़ा हुआ है । इसके अलावा इस कार्यक्रम में मानवाधिकार कानूनी सलाह केन्द्र, न्यू ट्रेड यूनियन इनिशिएटिव, प्रेस क्लब सोनभद्र भी शामिल रहे। सोनभद्र जिला मुख्यालय स्थित हाईडल मैदान से दोपहर सैकड़ों की संख्या में आदिवासी जिनमें अधिकांश महिलायें थीं और बड़ी ...

कैमूर क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं ने अभियान चला सरकारी वृक्षारोपण को दी चुनौती

कहा कम्पनीयों को वन विनाश की नहीं दी जाएगी अनुमति विजय विनीत सोनभद् ९फरवरी । जनपद में सावन की दस्तकशुरू होते ही आदिवासी महिलाओं ने शासन प्रशासन को चुनौती दे डाली हैं।आदिवासी महिलाओं ने वनों के अंदर वनाधिकार कानून में निहित सामुदायिक अधिकारों के तहत 10000 से भी अधिक पौधों को लगाने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला मुख्यालय सोनभद्र से की गई । जिला मुख्यालय सैकड़ों की संख्या में पहुंची आदिवासी महिलाओं ने लाल व हरी साड़ी पहनराखी थीं ।, हाथ में तमाम तरह के पौधों को लिए पूरे शहर का भ्रमण किया, । प्रतीकात्मक तौर पर जिला कचहरी व तहसील परिसर के पौधशाला में पौधों को लगाया ।इस मौके पर आदिवासी महिलाओं ने, संदेश दिया कि वनों को बचाने व वृक्षों को लगाने का काम समाज का है न कि विदेशी कम्पनीयों का। जो पौधे महिलाओं के हाथ में थे वे वनविभाग द्वारा रोपित ब्यापारिक हितों वाले पौधे नहीं बल्कि समाज के काम आने वाले फल, फूल व पर्यावरण को बचाने वाले वृक्ष थे। नीम, नींबू, आंवला, महुआ, जामुन, अमरूद, सहजन, आम आदि के पेड़ लिए आदिवासी महिलाएं रंग बिरंगे परिधानों में पूरे...

जनज्वार: फर्जी मुठभेड़ के 14 बहादुरों को आजीवन कारावास#links#links#links#links#links#links#links#links#links

जनज्वार: फर्जी मुठभेड़ के 14 बहादुरों को आजीवन कारावास#links#links#links#links#links#links#links#links#links

कामयाब रहा मायावती का मूल मंत्र कापता रहा लोक हाफता रहा तन्त्र

(विजय विनीत ) सोनभद्र,10 फरवरी । मुख्यमंत्री मायावती के दौरे को लेकर गु रूवार को जिले में कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। सड़क पर मायावती के काफिले कें अलावा कोई नजर नही आ रहा था। कही मुख्यमंत्री नाराज न हो जाय इसे लेकर पुलिस और प्रशासनिक अमला हापता नजर आया। अ म्बेडकर गांव बेलाव, जिला अस्पताल, कोतवाली व तहसील परिषर देखने के बाद व वापस चली गयी। इस दौरान पुलिस के लोग कही सड़क पर आयी गायों को भगाते रहे तो कही कुत्तों को भगाते नजर आये। आम आदमी को इतनी दूर खदेड़ दिया गया था कि कही कोई उन्हें जो र से बोल कर भी अ पनी तरफ मुखातिब न कर सकें। उनके दौरे को लेकर पुरे जिले में पिछले दस दिनो ंसे अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा। पॉंच साल पूर्व इसी जिले में एक अम्बेडकर गांव के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी मुख्य विकास अधिकारी समेत क ई अधिकारियों को मायावती ने निलम्बित कर दिया था। इस बार न उन्होंने सभा की न तो पत्रकारों से वार्ता किया। नक्सल प्रभावित सोनभद्र में दो सौ तिरपन अम्बेडकर गांव है। पहली बार 1995-96 में मुख्यमंत्री बनने पर मायावती ने सोनभद्र के लगभग पांच दर्जन गांवो को अम्बेड कर गांव घोंषित किया था। इसक...

रन टोला मुठभेड़ के बहाने खुली सोनभद्र में हुयी मुठभेड़ो की हकीकत

फर्जी मुठभेड़ो में मारे गए पचास से अधिक आदिवासी व् दलित हत्यारे पुलिस कर्मी पदकों से नवाजे गए विजय विनीत (सोनभद्र ) एक वर्ष पूर्व देश में जब रूचिका छेड़छाड़ मामले में हरि याणा के पू र्व डीजीपी एस.के.राठौर चर्चाओं में थे व उनके द्वारा किये गये घिनौने कुकृत्य की देश भर में भ र्त्सना की जा रही थी, उसी समय उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में छः वर्ष पूर्व हुई मुठभेड़ को स्थानीय फास्ट ट्रैक को र्ट ने फर्जी करार देते हुए उसमें शामिल 14 पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने का ऐतिहासिक फैसला दिया। इस फैसले से पूरे देश में एक बार फिर पुलिस की वर्दी शर्मसार व खून के छीटें से लाल हुई तो वहीं न्यायालयीय व्यवस्था के प्रति भी लोगों का विश्वास बढ़ा। इस से न्याय प्रक्रिया व जनवादी ताकतों की जीत हुई। सोनभद्र की अदालत द्वारा सुनाया गया यह फैसला सिर्फ रनटोला मुठभेड़ ही नहीं बल्कि तमाम मुठभेड़ों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। वैसे भी उत्तर प्रदेश पुलिस मानवाधिका र उल्लंघन के मामले में देश में सबसे प्रथम पायदान पर है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हु ई य ह मुठभेड़ कोई पहली घटना नहीं थी। जिस ...

राजशाही से भी खतरनाक साबित होगी यह लोकशाही

राजशाही से भी खतरनाक साबित होगी यह लोकशाही विजय विनीत आजादी के लिए मर मिटनें वालों ने सपने तो बहुत देखें होगें लेकिन उनमे दो महत्व पूर्ण थे । एक था अंग्रेजों को भगाकर स्वतंत्रता हासिल करना और दूसरा भारत से राज सत्ता का खात्मा व लोकतान्त्रिक व्यवस्था के तहत देश में सत्ता का सञ्चालन । अकल्पनीय कष्टों व तमाम कुछ खोने के बाद देश आजाद तो हुआ लेकिन पूर्ण रूप से लोकतान्त्रिक व्यवस्था देश में लागू नही हो सकी है । [Image]भारत में आजादी के पूर्व ५६५ छोटी बड़ी रियासतें थीं । इनमे कुछ काफी बड़े राज घराने थे जो सदियों से कायम थे तो कुछ ऐसी भी रियासतें थी जिन्हें दिल्ली पर शासन करने वाले शासको ( अंग्रेज व मुग़ल शासकों ) ने बना दिया था । आजादी के बाद सभी रियासतों का विलय लोकतान्त्रिक व्यवस्था के तहत भारतीय गणराज्यों में हो गया । कुछ ने अगर भारतीय गणराज्य में शामिल होने से इनकार किया तो सरदार बल्लभ भाई पटेल ने उन्हें मजबूर किया और सभी रियासतें टूट गयीं । [Image]26 जनवरी १९५२ से भारतीय संविधान के तहत देश का सञ्चालन शुरू हुआ । पहला लोक सभा चुनाव सन १९५२ में हुआ तो तमाम रियासतों के राजा या ...

वन कर्मियों ने दलितों की पचास से अधिक झोपड़िया की आग के हवाले

विजय विनीत चन्दौली 7 मार्च। उत्तर प्रदेश के अति नक्सल प्रभावित चन्दौली जिले के सुखदेवपुर गॉंव में रविवार दोपहर वन कर्मियों ने दलितों की पचासों झोपड़ियां फूंक दी। कुछ लोगों की वन कर्मियों ने पिटाई भी की जिससे एक व्यक्ति का सर फूट गया। तीन लोगों को वन कर्मी पकड़कर अपने साथ ले गये। इसे लेकर पूरे क्षेत्र कें दलितों में वन विभाग के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इसी तरह की 2005 में एक कार्यवाही केे चलते नक्सलियों ने चन्दौली में विस्फोट कर तीन वन कर्मियों समेत 18 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। जिला प्रशासन समेत चकिया विधायक ने ऐसी किसी भी घटना की जानकारी से इन्कार किया है। सुखदेवपुर के रामबृक्ष,रामअधार,मंगरू, अभिलाख,कविलास समेत कई लोगों ने बताया कि हम लोग वन क्षेत्र के भीतर कई वर्षो से आबाद हैं। हम लोगों ने कई वर्ष पूर्व अपनी झोपड़ियां लगायी थी। अगल-बगल की जमीनों पर खेती भी कर रहे थे। जबसे वनाधिकार अधिनियम लागू हुआ तभी से वन विभाग के लोग आकर यहां से चले जाने की धमकी देते रहें हैं। शुक्रवार को नौगढ वन रेंज के लोग आयें और धमकी दी कि दो दिनों के अन्दर अगर यहां से झोपड़ी हटाकर चले नहीं ...

दो सौ आदिवासी परिवार घर से बेघर

विजय विनीत 25 फरवरी। सोनभद्र जिले में वनाधिकार कानून के तहत 31 सौ आदिवासी व दलित परिवार जमीने पाकर खुश हैं तो वहीं तमाम लोग वन विभाग के उत्पीड़न से दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं। राबटर््सगंज तहसील क्षेत्र के पडरक्ष गांव के मगरदह टोले का नजारा देख कर किसी का भी दिल दहल सकता है। लेकिन शायद वन विभाग व पुलिस मकहमे के लोगो का दिल नही पसिजता। सात माह पूर्व मगरदह गॉव में पुलिस व वन विभाग के लोगों ने मिल कर जो ताण्डव किया उससे दो सौ आदिवासी व दलित परिवार गॉव से पलायन कर गया है। साथ ही दर्जनों गॉव वालों के ऊपर कई गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर दिया गया है। गॉव के बुद्धिनारायण का कहना है कि वगैर किसी पूर्व सूचना के वन विभाग ने कई वर्षो पहले हमारी जमीन अपने नाम कर ली हम लोग उसपर जोत कोड़ करते रहे। कई बार वन महकमे के लोगों ने लाठिया बरसाई। हम दो सौ परिवार के लोग वर्ष 2004 में पडरक्ष से आकर इस टोले में आवाद हो गये जिसका जिता जागता सबूत ये पुराने मकानों कि दिवाले स्वयं है। वनाधिकार विधेयक लागू होते ही वन महकमें के लोग यहा से उजाड़ने की फिराक मे पड़ गये। 22 से 24 अगस्त के बीच तीन दिन तक लग...