क्या ऐसे कर्मचारियों से राजस्व विभाग सुचिता की उम्मीद कर सकता है
उच्च अधिकारियों को गंभीर चिंतन मनन की
विजय विनीत
सोनभद्र कल जनपद में सदर तहzसील क्षेत्र के विकास यादव नामक लेखपाल की घूस लेते एक वीडियो वायरल हुई थी उसे तमाम मीडिया पोर्टल ने भी जगह दी। आज सुबह एक फोन आया फोन करने वाले ने अपना नाम अरुण बताया और कहा कि इस बारे में आपको क्या जानकारी है हमारे पास जो जानकारी थी मैंने उपलब्ध कराई उसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पन्नूगंज थाने जाकर तहरीर देनी चाहिए इसके बाद पैसा देने वाले परिवार से जब संपर्क किया गया तो पैसा देने वाले के बेटे रामाश्रय ने फोन उठाया और कहा कि बात हो रही है इसके कुछ देर बाद लौआरी गांव के वेदमणि नामक एक पूर्व परिचित रामाश्रय के यहां पहुंचे और कहे के लेखपाल साहब ने मुझे भेजा है वह आपका पैसा लौटाने को तैयार है दोपहर करीब 3:00 तक लेखपाल पैसा लेकर पहुंचने की बात करते रहे 3:00 के बाद रामाश्रय को पैसा देने के लिए पहुंचे और पैसा देने के बाद तुरंत रामाश्रय को पन्नूगंज थाने के दो सिपाहियों ने पकड़ लिया और थाने लें गये। पता चला कि वहां उन्हें और उनके साथ एक और लड़के को बैठाया गया है पुलिस और राजस्व के कुछ उच्च अधिकारी भी बातचीत कर रहे हैं सवाल उठता है कि लेखपाल तो काश्तकार से घूस ले सकता है लेखपाल किस बात की घूस कास्तकार को दे रहा था। जिस व्यक्ति को बिचौलिया के रूप में लेखपाल ने भेजा था उसने भी कहा है कहा है कि यह धोखा है लेखपाल की सारी बात रिकॉर्ड होने की जानकारी बेदमनीने दिया है पाठक गण स्वयं फैसला करें क्या इस तरह के लेखपाल से महकमें कि क्षवि सुधारी जा सकती है आज का ऑडियो वीडियो आप स्वयं सुने और समीक्षा करें
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