सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सामूहिकता से अपने वन अधिकार हासिल करेंगे आदिवासी

सामूहिकता से अपने वन अधिकार हासिल करेंगे आदिवासी

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रन टोला मुठभेड़ के बहाने खुली सोनभद्र में हुयी मुठभेड़ो की हकीकत

फर्जी मुठभेड़ो में मारे गए पचास से अधिक आदिवासी व् दलित हत्यारे पुलिस कर्मी पदकों से नवाजे गए विजय विनीत (सोनभद्र ) एक वर्ष पूर्व देश में जब रूचिका छेड़छाड़ मामले में हरि याणा के पू र्व डीजीपी एस.के.राठौर चर्चाओं में थे व उनके द्वारा किये गये घिनौने कुकृत्य की देश भर में भ र्त्सना की जा रही थी, उसी समय उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में छः वर्ष पूर्व हुई मुठभेड़ को स्थानीय फास्ट ट्रैक को र्ट ने फर्जी करार देते हुए उसमें शामिल 14 पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने का ऐतिहासिक फैसला दिया। इस फैसले से पूरे देश में एक बार फिर पुलिस की वर्दी शर्मसार व खून के छीटें से लाल हुई तो वहीं न्यायालयीय व्यवस्था के प्रति भी लोगों का विश्वास बढ़ा। इस से न्याय प्रक्रिया व जनवादी ताकतों की जीत हुई। सोनभद्र की अदालत द्वारा सुनाया गया यह फैसला सिर्फ रनटोला मुठभेड़ ही नहीं बल्कि तमाम मुठभेड़ों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। वैसे भी उत्तर प्रदेश पुलिस मानवाधिका र उल्लंघन के मामले में देश में सबसे प्रथम पायदान पर है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हु ई य ह मुठभेड़ कोई पहली घटना नहीं थी। जिस ...

क्या ऐसे कर्मचारियों से बचेगी साख

 क्या ऐसे कर्मचारियों से राजस्व विभाग सुचिता की उम्मीद कर सकता है  उच्च अधिकारियों को गंभीर चिंतन मनन की विजय विनीत  सोनभद्र कल जनपद में सदर तहzसील क्षेत्र के विकास यादव नामक लेखपाल की घूस लेते एक वीडियो वायरल हुई थी उसे तमाम मीडिया पोर्टल ने भी जगह दी। आज सुबह एक फोन आया फोन करने वाले ने अपना नाम अरुण बताया और कहा कि इस बारे में आपको क्या जानकारी है हमारे पास जो जानकारी थी मैंने उपलब्ध कराई उसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें पन्नूगंज थाने जाकर तहरीर देनी चाहिए इसके बाद पैसा देने वाले परिवार से जब संपर्क किया गया तो पैसा देने वाले के बेटे रामाश्रय ने फोन उठाया और कहा कि बात हो रही है इसके कुछ देर बाद लौआरी गांव के  वेदमणि नामक  एक पूर्व परिचित रामाश्रय के यहां पहुंचे और कहे के लेखपाल साहब ने मुझे भेजा है वह आपका पैसा लौटाने को तैयार है दोपहर करीब 3:00 तक लेखपाल पैसा लेकर पहुंचने की बात करते रहे 3:00 के बाद रामाश्रय को पैसा देने के लिए पहुंचे और पैसा देने के बाद तुरंत रामाश्रय को पन्नूगंज थाने के दो सिपाहियों ने पकड़ लिया और थाने लें गये। पता चला कि वहां उन्हें और उ...